Day: December 24, 2017

महोबत-ए-दासता

  कमबख्त उन्हें यक़्क़िन दिलाने जो हम बदनाम हो गए हर गली हर शहर हमारे चर्चे आम हो गए एक उनके लिए जो सिद्दत हमे ले डूबी थी अक्स-ए-महोबत हम फना हो गए हैसियत नहीं है हमारी यु गैरों पे गरज गिराने की हस्सास… Source: महोबत-ए-दासता

Just Go

  Flowers of what is pollinated by bees of what might have been. Mundane afternoons married to evenings of TV and ringtones that have forgotten how to ring. An old journal reminds her it’s not too la… Source: Just Go